गोटाबाया राजपक्षे को आख़िर देना पड़ा इस्तीफ़ा
श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने ईमेल के ज़रिए श्रीलंका की संसद के स्पीकर को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है. श्रीलंका के संविधान के मुताबिक़, राष्ट्रपति की ओर से इस्तीफ़े पर हस्ताक्षर करने और उसे भेजने के बाद इस्तीफ़ा देने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है. लेकिन इसके बाद भी रनिल विक्रमसिंघे शपथ लेने तक अंतरिम राष्ट्रपति नहीं बनेंगे. तब तक वो कार्यवाहक राष्ट्रपति ही बने रहेंगे. एक बार शपथ लेने के बाद उनके पास संसद का अनुमोदन हासिल करने के लिए 30 दिन का समय होगा. अगर संसद उन्हें अनुमोदित नहीं करती है तो सासंद नए राष्ट्रपति का चुनाव कर सकते हैं.
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