श्रीलंका ने फिलीपींस से ये सबक नहीं सीखा- वुसत का व्लॉग
36 साल पहले के फिलीपींस और मौजूदा वक्त के श्रीलंका में काफी समानताएं हैं.
फिलीपींस के पूर्व तानाशाह फर्दिनांद मार्कोस के ख़िलाफ़ 1986 में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था. मार्कोस को 1986 में अपदस्थ किया गया था और उन्हें निर्वासन पर मजबूर होना पड़ा था. श्रीलंका में भी कमोबेश यही स्थिति है.
राष्ट्रपति भवन और पीएम के निजी आवास के भीतर प्रदर्शनकारी घुस गए हैं. राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने शनिवार दोपहर को, प्रदर्शनकारियों के राष्ट्रपति भवन में दाख़िल होने से पहले ही राजभवन छोड़ दिया था.
रानिल विक्रमसिंघे ने भी शनिवार को ही ये घोषणा कर दी थी कि वो इस्तीफ़ा देने के लिए तैयार हैं. इन्हीं दोनों घटनाओं पर देखिए पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की ये ख़ास टिप्पणी.
वीडियो एडिटिंग: देवाशीष कुमार
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