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सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पाबंदी का क्या होगा असर
प्लास्टिक के तेज़ी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ-साथ देश में इससे बनने वाले कचरे की समस्या भी विकराल रूप लेती जा रही है. केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनुसार साल 2020 में भारत में क़रीब 35 लाख टन प्लास्टिक कचरा तैयार हुआ.
ये दुनिया में चीन, अमरीका, इंडोनेशिया, जापान के बाद सबसे अधिक था. भारत में प्लास्टिक का प्रति व्यक्ति इस्तेमाल भी पिछले पांच साल में दोगुना हुआ है. इसमें उस तरह के प्लास्टिक से बनी वस्तुओं की संख्या बहुत अधिक है, जिसे सिंगल यूज़ प्लास्टिक कहते हैं.
भारत सरकार ने पहली जुलाई से रोज़मर्रा इस्तेमाल में प्लास्टिक से तैयार होने वाली 19 वस्तुओं के उत्पादन, बिक्री, आयात और इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है.
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