बुंदेलखंड के प्यासे इलाक़ों में कैसे बजेगी शहनाई
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के आसपास फैला बुंदेलखंड पानी की कमी के लिए हर गर्मी में सुर्खियों में रहता है.
यहां तापमान पचास डिग्री तक चला जाता है और कम बारिश की वजह से ये चट्टानी जंगलों वाला इलाका अक्सर सूखे की चपेट में आ जाता है. हालात इतने बुरे हो गए हैं कि कई गांवों में मर्द कुंवारे बैठे हैं.
वहां पानी इकट्ठा करने के लिए इतनी दूर जाना पड़ता है कि कई परिवार उन गांवों में अपनी बेटियां ब्याह कर नहीं भेजना चाहते. अब सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत देश के सभी गांवों के घरों में नल के कनेक्शन लगने हैं.
लेकिन उत्तर प्रदेश में चित्रकूट के गांवों में नलों में पानी कहां से लाया जाएगा? पानी की श्रृंखला की आखिरी कड़ी में दिव्या आर्य और काशिफ सिद्दिक़ी की विशेष रिपोर्ट.
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