भागलपुर का 'अंखफोड़वा' कांड जिसने पूरे देश को हिला दिया था
हाल ही में मशहूर पत्रकार रहे अरुण शौरी की आत्मकथा प्रकाशित हुई है 'द कमिश्नर ऑफ़ लॉस्ट कॉजेज़' जिसमें उन्होंने 1980 में हुए भागलपुर ब्लाइंडिंग केस की विस्तार से चर्चा की है जिसमें 33 लोगों की आंखें फोड़ कर उसमें तेज़ाब डाल दिया गया था.
क्या था पूरा मामला बता रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.
वीडियो प्रोडक्शनः देबलिन रॉय
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