करौली हिंसाः आग की लपटों से बचने वाली बच्ची कौन थी? - ग्राउंड रिपोर्ट
राजस्थान के करौली ज़िले में अपने परिवार की दुलारी, ढाई साल की नटखट पीहू.
जिला कलेक्टरेट के नज़दीक पहले मंज़िल पर किराए के हवादार घर में जब हम पहुँचे तो वो अपने माँ-बाप के साथ गुब्बारे के लिए ज़िद कर रही थीं, लेकिन जब उन्हें गुब्बारा मिलता तो उसे फेंक देती और माँ की गोद में चिपक जातीं.
जब वह बड़ी होंगी तो वायरल हुई उस तस्वीर के बारे में वो क्या सोचेंगी, जिसमें पुलिसकर्मी नेत्रेश शर्मा उन्हें एक स्टोल में लपेटकर आग की लपटों से दूर भाग रहे थे. तस्वीर में थोड़ी ही दूर पीछे उनकी मां विनीता अग्रवाल पीछे भागती नज़र आती हैं.
दो अप्रैल को नवरात्र के पहले दिन विनीता अपनी देवरानी और उनकी भाभी के साथ फूटाकोट बाज़ार शॉपिंग के लिए गई थीं कि तभी वहाँ भगदड़ सी शुरू हो गई. दुकानदारो ने दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं. शटर पर पत्थरों के टकराने की आवाज़ें सुनाई देने लगीं.
वीडियोः विनीत खरे और मनीष जालुई
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)