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अल-अक़्सा मस्जिद में मुसलमान के भेष में घुस रहे हैं यहूदी
अल-अक़्सा मस्जिद परिसर जो कि पुराने यरुशलम शहर में है, उसे मुसलमानों की सबसे पवित्र जगहों में से एक माना जाता है. लेकिन इस जगह पर यहूदियों का पवित्र माउंट मंदिर भी है.
1967 के मध्य पूर्व युद्ध के बाद इसराइल ने पूर्वी यरुशलम को नियंत्रण में ले लिया था और वो पूरे शहर को अपनी राजधानी मानता है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसका समर्थन नहीं करता.
फ़लस्तीनी पूर्वी यरुशलम को भविष्य के एक आज़ाद मुल्क की राजधानी के तौर पर देखते हैं. यहूदी यहां आ तो सकते हैं, लेकिन उन्हें यहां आकर प्रार्थना करने की अनुमति नहीं है.
अगर लोग प्रार्थना करते पकड़े गए तो उन्हें गिरफ़्तार तक किया जा सकता है. हाल के सालों में इसराइल ने यहूदियों के यहां आने को लेकर कुछ छूट दी है, लेकिन इससे फ़लीस्तीनियों का एक वर्ग ख़ुश नहीं है.
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