You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
चीन और रूस में बढ़ती नजदीकियां, भारत के लिए क्या मायने?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के नेता शी जिनपिंग के बीच वीडियो कॉल के ज़रिए बातचीत हुई है. ये बातचीत दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का एक और उदाहरण है.
बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने एक बयान में कहा है कि रूस-चीन संबंध अप्रत्याशित रूप से सकारात्मक हो गए हैं. बयान में कहा है कि दोनों नेता एशिया-पैसेफ़िक में यथास्थिति को बदलने की अमेरिकी कोशिशों पर चिंता व्यक्त करते हैं.
हाल की दिनों में अमेरिका और पश्चिमी देश, चीन को ताइवान और रूस को यूक्रेन के मुद्दे पर घेरते रहे हैं. इस पृष्ठभूमि में रूस-चीन की बातचीत काफ़ी महत्व रखती है.
बातचीत के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों के बीजिंग विंटर ओलंपिक खेलों के राजनयिक बहिष्कार को ग़लत बताते हुए कहा कि वे ओलंपिक के दौरान स्वयं चीन जाएँगे.
रिपोर्ट: पवन सिंह अतुल
आवाज़: नवीन नेगी
वीडियो एडिटिंग: रुबाइयत बिस्वास
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)