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इमरान ख़ान की सरकार और कर्ज़ के जाल में फंसता पाकिस्तान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने हाल ही में देश के क़र्ज़ों में वृद्धि को राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताया था. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का यह बयान ऐसे समय में आया जब देश पर घरेलू और विदेशी क़र्ज़ 50 हज़ार अरब रुपये से भी अधिक हो गया है.
पाकिस्तान का विदेशी क़र्ज़ 127 अरब डॉलर को पार कर गया है जो देश के इतिहास में उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. क़र्ज़ के इस बोझ में आईएमएफ़, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, पेरिस क्लब और विदेशों से लिए गए क़र्ज़ों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर कमर्शियल बैंकों से लिया गया क़र्ज़ भी शामिल है.
ध्यान रहे कि देश पर बकाया क़र्ज़ में सरकार द्वारा लिए गए क़र्ज़ के साथ-साथ देश के संस्थानों द्वारा लिए गए क़र्ज़े भी शामिल होते हैं, जिनकी सरकार द्वारा गारंटी दी जाती है.
रिपोर्टः तनवीर मलिक
आवाज़ः नवीन नेगी
वीडियो एडिटः देवाशीष कुमार
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