विदेशी दूल्हों को नागरिकता नहीं देता पाकिस्तान, लड़कियां परेशान
आलिमा आमिर 1996 में शादी कर भारत आ गई थीं. फिर 2001 में, पाँच साल बाद पति और पत्नी ने अपने परिवार के साथ पाकिस्तान में बसने का फ़ैसला किया.
आलिमा को अच्छी तरह याद है, जब वो अपने परिवार के साथ भारत से पाकिस्तान जा रही थीं. वो कहती हैं, ''हमें नहीं पता था कि पाकिस्तान में कोई ऐसा क़ानून है.
हमने सोचा था कि दोनों पति-पत्नी को ये अधिकार है कि वो अपने साथी के लिए नागरिकता हासिल कर सकते हैं.
ये सिर्फ़ एक आलिमा आमिर की कहानी नहीं है. पाकिस्तान में ऐसी कई महिलाएं हैं, जिन्हें विदेशी लोगों से शादी करने के बाद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
रिपोर्ट: मोहम्मद ज़ुबैर ख़ान
आवाज़: गुरप्रीत कौर
वीडियो एडिटिंग: दीपक जसरोटिया
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