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क्या आने वाले समय में बूंद-बूंद पानी को तरसेंगे हम? Duniya Jahan
कुछ महीनों पहले की बात है. ईरान में बारिश की कमी और सूखे की वजह से जलस्रोत सूख गए. पूरे देश में पानी की कमी को लेकर भीषण विरोध प्रदर्शन हुए. बीते कुछ सालों में चेन्नई, साओ पाउलो, बीजिंग, पर्थ, केपटाउन समेत कई और जगहों में भी पानी की भारी किल्लत हुई है.
लंबे वक्त से जल संकट के लिए ख़राब प्रबंधन, जलस्रोतों में निवेश की कमी और जलवायु परिवर्तन को ज़िम्मेदार ठहराया जाता रहा है. लेकिन न तो ये समस्या नई है और न ही इसके कारण. 1980 के दशक से दुनिया में पानी के इस्तेमाल की दर प्रतिवर्ष लगभग एक फीसदी बढ़ रही है .
जानकार मानते हैं कि आने वाले वक्त में पानी की मांग और जलवायु परिवर्तन का असर बढ़ने से जलस्रोतों पर दबाव और बढ़ेगा. तो इस सप्ताह दुनिया जहान में हमारा सवाल है कि क्या धरती से पानी ख़त्म हो रहा है. हम ये जानने की कोशिश करेंगे कि इस मुश्किल का हल कैसे हो सकता है.
प्रेज़ेंटर: मोहनलाल शर्मा
प्रोड्यूसर: मानसी दाश
वीडियो प्रोडक्शन: रुबाइयत बिस्वास
ऑडियो मिक्सिंग: तिलकराज भाटिया
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