अजय मिश्रा के तेज़ी से मंत्री बनने की कहानी

लखीमपुर में हुई हिंसा से कुछ ही दिन पहले सम्पूर्णानगर में हुई एक बैठक में अजय मिश्रा किसान आंदोलन के प्रति अपनी छवि के अनुरूप काफ़ी आक्रामक तेवर में नज़र आए थे. इस आयोजन के एक वीडियो में मिश्रा कहते हैं, "ऐसे लोगों को कहना चाहता हूँ कि सुधर जाओ...नहीं तो सामना करो आकर, हम आपको सुधार देंगे, दो मिनट लगेगा केवल. मैं केवल मंत्री नहीं हूँ, या सांसद विधायक नहीं हूँ. जो विधायक और सांसद बनने से पहले मेरे विषय में जानते होंगे उनको यह भी मालूम होगा कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं हूँ, और जिस दिन मैंने उस चुनौती को स्वीकार करके काम कर लिया, उस दिन पलिया नहीं, लखीमपुर तक छोड़ना पड़ जाएगा, यह याद रखना." इसी साल आठ जुलाई को नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार में मिश्रा को जगह मिलना काफ़ी चौंकाने वाला था. उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नज़र रखने वाले विश्लेषक भी इस बात अचंभित थे कि मिश्रा ने इतने कम समय में इतनी लंबी छलांग कैसे मारी. पहली बार विधायक बनने के नौ साल के भीतर देश का गृह राज्य मंत्री बनना मामूली बात नहीं है. ख़ास तौर पर ऐसे वक़्त में जब मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार को पिछड़ी जाति के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिए जाने के प्रयास के रूप में पेश किया जा रहा था, जबकि अजय मिश्रा ब्राह्मण हैं. इससे पहले भी विधायक से सांसद बनने में उन्हें सिर्फ़ दो साल का समय लगा था.

रिपोर्ट: राघवेंद्र राव

आवाज़: नवीन नेगी

वीडियो एडिटिंग: देबलिन रॉय

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