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सिर्फ कुचला नहीं गया, गोली भी मारी: टिकैत
लखीमपुर हिंसा में मारे गए लोगों में गुरविंदर सिंह भी एक थे. उनकी बड़ी बहन का रो-रो कर बुरा हाल था. किसी तरह बिलखते हुए उन्होंने बीबीसी से बात की.
उन्होंने कहा, "वो सबसे छोटा था. मेरा लाडला था. मेरा भाई साधु था. स्कूल पास किया था. मेरे भाई को मार दिया." गुरविंदर सिंह की तरह दूसरे लोगों ने भी अपने परिजनों को खोया है. इस सवाल पर कि सरकार से उन्हें क्या उम्मीद है, गुरविंदर की बहन ने कहा, "हमें इंसाफ़ चाहिए, मेरे भाई के लिए... इंसाफ़ चाहिए... जिसने मारा है, उसको सज़ा मिलनी चाहिए. और कुछ नहीं कहना चाहिए."
लखीमपुर खीरी में मुश्किल हालात हैं, यहां पर परिवारवाले इस घटना के बाद बदहवास हैं. राकेश टिकैत ने लखीमपुर खीरी में बीबीसी के सहयोगी पत्रकार अनंत झणाणे को एक शव दिखाते हुए कहा, "ये देखो, गोली लगी है... ये नहीं कि सिर्फ़ गाड़ी से कुचला है, गोलियां भी चलाई हैं."
सरकार के साथ किसी समझौते के सवाल पर उन्होंने कहा, "इस पर क्या समझौता होगा. इसका पोस्टमॉर्टम होगा और मुक़दमा दर्ज होगा. जिसने गलती की है, उसे सज़ा होगी. मंत्री और उनके बेटे दोनों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज होगा."
वीडियो: अनंत झणाणे और प्रशांत लखीमपुर से, बीबीसी के लिए
एडिटिंग: देबलिन रॉय
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