क्यों खेला गया 'नो हेडिंग फ़ुटबॉल मैच'
रिसर्च से पता चला है कि लंबे समय तक फ़ुटबॉल खेलने वाले खिलाड़ियों में डिमेंशिया की समस्या हो सकती है.
फ़ुटबॉल में हेडर करने से खिलाड़ियों पर बुरा असर पड़ सकता है.
इसे ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन में एक दिलचस्प मैच का आयोजन किया गया जो दुनिया का पहला 'नो हेडिंग' फ़ुटबॉल मैच' था.
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