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रेप पीड़ित दलित औरतों को इंसाफ़ दिलाती महिलाओं की कहानी
अब से ठीक एक साल पहले उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित औरत का सामूहिक बलात्कार किया गया. दो सप्ताह बाद उसकी मृत्यु हो गई.
परिवार वालों ने इल्ज़ाम लगाया कि बिना उनकी सहमति के पुलिस ने उसका शवदाह कर दिया. पुलिस की खूब निंदा हुई पर उन्होंने आरोप से इनकार किया और अब अदालत में मुकदमा जारी है.
पिछले एक साल में दलित औरतों के खिलाफ़ बलात्कार के कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं. लेकिन इस मुद्दे का एक दूसरा पहलू भी है.
अब दलित औरतें संगठित हो रही हैं और उनके नेतृत्व में एक ऐसी पीढ़ी तैयार हो रही है जो बलात्कार की पीड़ित औरतों को न्याय के लिए लड़ने में सक्षम बना रही है.
अपने आरोपियों को जेल भिजवाने में कामयाब रही एक दलित औरत से मुलाकात की बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य ने और जानी उसके साथ लड़ाई लड़नेवालीं दलित महिला लीडर्स की कहानी.
कैमरा-एडिटिंग: काशिफ सिद्दीक़ी
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