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कोरोना का इलाज किया, जान भी गंवाई, डॉक्टरों को मोदी सरकार से मिला क्या?
कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में अब तक 4,40,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 33 करोड़ मामले दर्ज किए गए हैं. और भारत इस बीमारी की वजह से सबसे ज़्यादा नुक़सान उठाने वाले देशों में शुमार रहा. इस जंग को लड़ने का बोझ स्वास्थ्यकर्मियों के कंधों पर आया. यही वजह है कि इस साल जुलाई में जब भारत सरकार ने कहा कि उसके पास कोरोना से मारे गए स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़ा कोई आंकड़ा नहीं है तो कई सवाल उठ खड़े हुए. कोरोना वायरस से स्वास्थ्यकर्मी की मौत से जुड़ी हक़ीक़त क्या है? क्या वादे के मुताबिक़ उन स्वास्थ्यकर्मियों के परिवारों को उचित मुआवज़ा दिया गया, क्या उनकी देखभाल की गई? बड़े शहरों में डॉक्टरों से बात करने से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के परिवारों से मिलने तक, जानकारी जुटाने के लिए किए गए आग्रहों से लेकर सरकारी आंकड़े खंगालने तक, बीबीसी ने इसकी पड़ताल में कई महीने गुज़ारे हैं. बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित की रिपोर्ट.
कैमरा और एडिटिंग: मनीष जालुई
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