You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
चीन की बैसाखी के सहारे क्या तालिबान देश संभाल लेगा?
कई देशों की सरकारें फ़िलहाल तालिबान से संबंध स्थापित करने के लिए स्पष्ट रूप से सकुचा रही हैं. इस चरमपंथी गुट के सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य देशों से संबंध रहे हैं, हालांकि वे उतने क़रीबी नहीं कहे जा सकते हैं. जिस एक देश के साथ तालिबान का रिश्ता सबसे नज़दीकी वाला कहा जा सकता है, वो चीन है जिसने तालिबान को लेकर जरा सा भी संकोच नहीं दिखाया. जिस तरह से आम अफ़ग़ान लोग देश छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, ये तय है कि अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था धाराशायी होने जा रही है. ऐसे हालात में अफ़ग़ानिस्तान की गाड़ी को पटरी पर रखने के लिए उसे चीन की आर्थिक मदद की ज़रूरत पड़ेगी.
रिपोर्ट: जॉन सिम्पसन
आवाज़: गुरप्रीत सैनी
वीडियो एडिट: शुभम कौल
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)