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सुहास एल वाई: देश के पहले आईएएस पैरालंपिक पदक विजेता
डीएम की ड्यूटी से लेकर पैरालंपिक में पदक जीतने तक का सफ़र आसान नहीं है. गौतमबुद्ध नगर के डीएम सुहास एल वाई ने पैरालंपिक में पैरा बैडमिंटन की एसएल 4 कैटेगरी में भारत के लिए 5 सितंबर को जीता रजत पदक.
फ़ाइनल में उनका मुकाबला विश्व चैम्पियन फ़्रांस के खिलाड़ी लुकास मज़ूर के साथ था. IAS बनना. फिर कलेक्टर की ज़िम्मेदारी संभालना. फिर बैडमिंटन के अपने शौक को पैरालंपिक के रजत पदक जितनी बुलंदियों तक ले जाना, सुहास की कामयाबी चर्चा में है लेकिन इस कामयाबी के पीछे एक मुश्किल सफ़र है.
सुहास ने अपनी निजी ज़िंदगी, प्रेम और शादी, बतौर आईएएस अधिकारी बनने तक का संघर्ष और फिर उसके बाद टोक्यो पैरालंपिक में कामयाब होने तक के रास्ते में मिले सभी मील के पत्थरों पर बीबीसी से ख़ास बातचीत की.
वीडियो: सूर्यांशी पांडेय और रुबाइयत बिस्वास
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