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तालिबान, आईएसआईएस और अलक़ायदा, दोस्त हैं या दुश्मन?
अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता के समीकरणों में तीन चरमपंथी संगठनों की भूमिका रही है - तालिबान, अल-क़ायदा और इस्लामिक स्टेट.
अफ़ग़ानिस्तान से पश्चिमी ताक़तों की वापसी के साथ ही विशेषज्ञों को आशंका है कि मध्य पूर्व और मध्य एशिया में जिहादी चरमपंथ का एक नया दौर शुरू हो सकता है.
हाल के सालों में अल-क़ायदा और इस्लामिक स्टेट भले ही कमज़ोर पड़े हों लेकिन वे अभी भी सक्रिय हैं और बदली हुई परिस्थितियों में वे फिर से मजबूत हो सकते हैं.
तालिबान की तरह ही इन दोनों संगठनों की विचारधारा कट्टरपंथ वाली है लेकिन तीनों समूहों की महत्वाकांक्षाएं और काम करने के तरीके अलग-अलग हैं.
रिपोर्ट: होज़े कार्लोस क्वेटो
आवाज़: नवीन नेगी
वीडियो एडिटिंग: दीपक जसरोटिया
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