कमर तोड़ती महंगाई से हताश भारतीय
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के लिए जारी किए GDP के आंकड़े. पहली तिमाही में जीडीपी की रफ्तार 20.1% आंकी गई.
RBI ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP दर 21.4% रहने का जताया था अनुमान.
एक तो महामारी, दूसरी घटती आमदनी और बेरोज़गारी. कुल मिलाकर भारत में आम आदमी की हालत ख़राब हो रही है.
ऊपर से कोरोना की तीसरी लहर का डर आम लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है. देखिए बीबीसी संवाददाता अरुणोदय मुखर्जी की ये रिपोर्ट.
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