You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बॉक्सिंग ख़्वाब था, कोरोना ने परिवार छीन लिया
कोरोना की दूसरी लहर में कई परिवारों ने प्रियजनों को खो दिया. महाराष्ट्र के जलगांव में इस परिवार ने अपने पांच सदस्यों को खोया. आकांक्षा के माता-पिता, दो अंकल और एक आंटी गुज़र गईं, सदमे से दादी भी चल बसीं.
इस परिवार में छह बच्चे अनाथ हो गए. आकांक्षा के पिता अपने बाकी बच्चों को अच्छा भविष्य देना चाहते थे. वो चाहते थे कि आकांक्षा बॉक्सर बनें, वो उन्हें बॉक्सिंग की ट्रेनिंग भी देते थे.
कोरोना की घातक दूसरी लहर के बाद ज़िंदगी पटरी पर लौट रही है. लेकिन आकांक्षा और उनके परिवार के लिए सबकुछ पहले जैसा नहीं रहा. उनका बॉक्सिंग करियर अधर में लटक गया है. उनका ध्यान अब अपने भाई-बहनों की देखभाल पर ज़्यादा है.
वीडियोः बीबीसी मराठी
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)