You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोना और और लॉकडाउन ने स्कूल बंद कर बच्चियों की ज़िंदगी कैसे बदल डाली?
सत्रह महीने यानी करीब डेढ़ साल. इतना वक्त बीत चुका है जबसे भारत में छोटे बच्चे स्कूल नहीं गए हैं.
भारत उन कुछ देशों में से है जहां कोविड महामारी से बचाव के लिए लगे लॉकडाउन और पाबंदियों की वजह से छोटे बच्चे लगातार घर पर ही रहे हैं. युनीसेफ का आकलन है कि इससे भारत में प्राइमेरी और सेकेंड्री स्कूल जानेवाले करीब 25 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए हैं.
इनमें से कुछ ऑनलाइन क्लास का फायदा उठा पाए पर कई स्मार्टफोन, इंटरनेट और टीवी ना होने की वजह से बिना पढ़े ही अगली क्लास में प्रमोट कर दिए गए.
अब जब कुछ राज्यों में स्कूल धीरे-धीरे खोले जाने लगे हैं, तो ये समझना ज़रूरी है कि पिछले डेढ़ साल से घर में रहने का बच्चों पर क्या असर पड़ा है? और उन्हें स्कूल लौटने पर किन चुनौतियों का सामना करना होगा? बच्चों से बातचीत और उनकी चित्रकारी के ज़रिए यही जानने की कोशिश की.
रिपोर्ट: दिव्या आर्य
कैमरा और एडिटिंग: रुबाइयत बिस्वास
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)