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काबुल की कमान तालिबान के हाथों में आने पर क्या बोला इस्लामिक स्टेट?
ख़ुद को 'इस्लामिक स्टेट' कहने वाले चरमपंथी संगठन ने अफ़ग़ानिस्तान के हालिया घटनाक्रम पर कहा है कि तालिबान को वहां कोई जीत हासिल नहीं हुई है बल्कि अमेरिका ने इस मुल्क की कमान उन्हें सौंप दी है. 'इस्लामिक स्टेट' ने अपने साप्ताहिक अख़बार अल-नबा के 19 अगस्त के संपादकीय में कहा है, "ये अमन के लिए जीत है, इस्लाम के लिए नहीं. ये सौदेबाज़ी की जीत है न कि जिहाद की." आईएस ने 'नए तालिबान' को 'इस्लाम का नक़ाब पहने' एक ऐसा 'बहुरूपिया' करार दिया जिसका इस्तेमाल अमेरिका मुसलमानों को बरगलाने और क्षेत्र से इस्लामिक स्टेट की उपस्थिति ख़त्म करने के लिए कर रहा है. इससे पहले इस्लामिक स्टेट के समर्थक ये आरोप लगाते रहे हैं कि तालिबान अमेरिका के गंदे कामों को अंज़ाम दे रहा है. अपने ताज़ा बयान में आईएस ने कहा है कि वे जिहाद के नए चरण की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने ये स्पष्ट नहीं किया है कि उनका अगला टारगेट क्या है, लेकिन जिस संदर्भ में उन्होंने ये बात कही, उससे ये अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि वे अफ़ग़ानिस्तान की ओर संकेत कर रहे हैं.
रिपोर्ट: टीम बीबीसी
आवाज़: विदित मेहरा
वीडियो एडिटिंग: दीपक जसरोटिया
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