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भारत, तालिबान को मान्यता देगा या नहीं?
अफ़ग़ानिस्तान में तेज़ी से बदलते घटनाक्रम और मौजूदा हालात से ऐसा लगता है कि तालिबान लंबे समय तक सत्ता में लौट आया है. ऐसे में सुरक्षा को लेकर मध्य और दक्षिण एशिया के देशों की चिंताएं भी बढ़ रही हैं.
भारत के लिए भी ये सब बहुत चुनौतीपूर्ण है. सामरिक मामलों के जानकारों को लगता है कि भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती तो यही है कि वो तालिबान की हुकूमत को मान्यता दे या नहीं. वैसे, इसको लेकर राय बंटी हुई भी है.
कुछ एक विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत को फ़िलहाल कोई जल्दबाज़ी नहीं दिखानी चाहिए क्योंकि तालिबान की विचारधारा में कोई ख़ास बदलाव नहीं आया है. वो तब भी लोकतंत्र लागू करने के ख़िलाफ़ थे और वो अब भी लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हैं.
तालिबान देश को शरिया के क़ानून के हिसाब से ही चलना चाहते हैं. ऐसे में मौलवी ही तय करेंगे कि इस प्रक्रिया में लोगों के अधिकार क्या होंगे - ख़ास तौर पर महिलाओं और अल्पसंख्यकों के.
स्टोरी: सलमान रावी
आवाज़: विशाल शुक्ला
वीडियो एडिटिंग: देबलिन रॉय
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