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तालिबान के लिए गर्मजोशी क्यों दिखा रहा है रूस?
अमेरिका और यूरोपीय देश बीते हफ्ते जब काबुल से अपने नागरिकों और अफ़ग़ान सहयोगियों को निकालने के लिए परेशान दिख रहे थे, तब रूस उन चुनिंदा देशों में से एक था, जो अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के कब्ज़े से ज़रा भी चिंतित नहीं था.
रूसी राजनयिकों ने काबुल में तालिबान को "सामान्य लोग" बताया और कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी अब पहले सेअधिक सुरक्षित हो गई है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का कब्ज़ा एक हक़ीक़त है और रूस को इसके साथ ही चलना है.
यह स्थिति 1980 के दशक में अफ़ग़ानिस्तान में नौ साल चले उस विनाशकारी युद्ध से बहुत अलग है, जब रूस काबुल की कम्युनिस्ट सरकार को खड़ा करने की कोशिश में जुटा था.
रिपोर्ट: पेत्र कोज़लोव और अन्ना रिंडा
आवाज़: विशाल शुक्ला
वीडियो एडिटिंग: दीपक जसरोटिया
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