बिहार में दलित महिलाओं का बैंड बंद क्यों हो गया?
साल 2014 में चर्चा में आए बिहार के महादलित बैंड की महिलाएं फिर से खेत मजदूर बनने को मजबूर हैं. कोविड के चलते काम मिलना बंद हुआ और अब फिर से ये महिलाएं 150 रुपए की दर पर काम करने वाली खेत मजदूर बन गई है. लेकिन गांव के आसपास लगातार बनते अपार्टमेंट के चलते खेतों में पानी जमा है और खेत मजदूरी पर भी आफत है. दरअसल अगस्त 2013 में पटना से सटे दानापुर के ढीबरा गांव की 12 महादलित महिलाओं ने बैंड बजाना सीखना शुरू किया.
वीडियो: सीटू तिवारी, बीबीसी के लिए
एडिटिंग: दीपक जसरोटिया
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