सऊदी अरब और यूएई में किस बात को लेकर है तकरार?
साल 2014 के बाद दुनिया भर में तेल की क़ीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर हैं.
तेल निर्यातक देशों के समूह ओपेक प्लस के बीच उत्पादन बढ़ाने को लेकर सहमति न बन पाने की वजह से ऐसा हुआ है.
अमेरिकी तेल की क़ीमतें तकरीबन 70 डॉलर प्रति बैरल की दर पर पहुँच गई.
कोरोना महामारी के कारण पिछले साल ओपेक देशों ने तेल की आपूर्ति में कटौती की थी.
हालाँकि अब दुनिया की अर्थव्यवस्था उबर रही है और वैश्विक स्तर पर तेल की माँग में उछाल आया है. लेकिन इसके बावजूद सोमवार को ओपेक और उसके सहयोगी देशों के बीच पिछले साल तेल की आपूर्ति बढ़ाने को लेकर हुई बातचीत नाकाम रही.
स्टोरी: टीम बीबीसी
आवाज़: गुरप्रीत सैनी
वीडियो एडिटिंग: देबलिन रॉय
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)