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योग का मतलब क्या आप भी सिर्फ आसन समझते हैं?
योग का अर्थ है जुड़ना. मन को वश में करना और वृत्तियों से मुक्त होना योग है. सदियों पहले महर्षि पतंजलि ने मुक्ति के आठ द्वार बताए, जिन्हें हम 'अष्टांग योग' कहते हैं. मौजूदा दौर में हम अष्टांग योग के कुछ अंगों जैसे आसन, प्राणायाम और ध्यान को ही जान पाए हैं. आज हम आपको पतंजलि योग के आठों अंगों के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं.
आलेख: योगगुरू धीरज, आवाज़ः गुरप्रीत सैनी
चित्रांकनः पुनीत बरनाला, वीडियो एडिटः शुभम कौल
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