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जी-7 में कौन से देश हैं और चीन पर क्यों भड़के हैं?
दुनिया के सात दिग्गज नेता हाल में ब्रिटेन के कॉर्नवॉल में मिले और मौजूदा दौर के सबसे अहम मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की. लेकिन उनकी इस अहम बैठक के आख़िरी दिन सबसे ज़्यादा चर्चा जिस देश की हुई, वो है चीन. लेकिन पहले बात इस महत्वपूर्ण समूह की, जिसे G7 या ग्रुप ऑफ़ सेवन कहा जाता है.
G7 या ग्रुप ऑफ़ सेवन दुनिया की सात सबसे बड़ी आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. इनमें कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं. रूस साल 1998 में इस समूह का हिस्सा बना था, जिसके बाद इसे G8 कहा गया लेकिन साल 2014 में उसे बाहर कर दिया गया.
सबसे ज़्यादा आबादी और बड़ी अर्थव्यवस्था के बावजूद चीन कभी भी इस समूह का हिस्सा नहीं रहा. इस बार की बैठक में यूरोपीय संघ के नुमाइंदे शामिल रहे. भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को भी न्योता दिया गया था.
ब्रिटेन के कॉर्नवॉल में हुई दुनिया के सात समृद्ध देशों के समूह जी-7 की बैठक के आख़िरी दिन रविवार को चीन का मुद्दा छाया रहा. शिनजियांग में वीगर मुसलमानों के मानवाधिकार हनन को लेकर जी-7 देशों के नेताओं ने चीन को फटकार लगाई. हॉन्गकॉन्ग के लिए ज़्यादा स्वायत्ता की मांग की गई. बात यहीं नहीं रुकी, चीन में कोरोना वायरस की उत्पत्ति की गहराई से जांच की भी मांग की गई.
वीडियो- विदित मेहरा/देवाशीष कुमार
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