You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
चीन और रूस की 'दोस्ती', भारत के लिए कितनी परेशानी?
चीन और रूस ने क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक नया मंच बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसे 'क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद मंच' कहा गया है.
ये प्रस्ताव दक्षिणी चीन के शहर गुइलिन में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोफ़ के बीच हुई बैठक के बाद आया है. बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय टकराव के लिए छोटे-छोटे समूह बनाने को लेकर अमेरिका पर हमला भी बोला. ये बैठक 19 मार्च को अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन और 12 मार्च को क्वाड के शिखर सम्मेलन के बाद हुई है.
द क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग (क्यूसिड) जिसे क्वाड (QUAD) के नाम से भी जाना जाता है, ये अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच अनौपचारिक राजनीतिक वार्ता समूह है. साल 2007 में जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने पहली बार इसका प्रस्ताव रखा था जिसे भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने समर्थन दिया. इसके बाद इसी साल इनकी बैठक हुई थी.
क्वाड की स्थापना के पीछे की वजह चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना बताया जाता है. अमेरिका चीन को एक बढ़ती चुनौती के तौर पर देख रहा है. दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर से लेकर अंदरूनी मामलों में बयानबाज़ी कई बार खुले तौर पर सामने आई है.
वहीं, ऑस्ट्रेलिया और जापान का भी दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ टकराव है. भारत का चीन से सीमा विवाद बरसों पुराना है और हाल ही में दोनों देशों की सीमाएं लद्दाख में सीमा पर आमने-सामने मौजूद हैं. क्वाड सिक्योरिटी डायलॉग के ज़रिए चारों सदस्य देश, यानी भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान क्षेत्र में एक मंच पर साथ आये हैं.
वीडियो: गुरप्रीत सैनी और दीपक जसरोटिया
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)