भगत सिंह की ज़िंदगी के आख़िरी 12 घंटों की कहानी
आज से 90 साल पहले महज़ 24 साल की उम्र में ब्रिटिश सरकार ने सरदार भगत सिंह को फांसी पर चढ़ा दिया था. उन पर लाहौर षड्यंत्र केस में शामिल होने का आरोप था.
भगत सिंह के साथ राजगुरु और सुखदेव को भी सज़ा-ए-मौत दी गई थी. लेकिन अंग्रेज़ सरकार ने जिस तरह से उन्हें अचानक फांसी दी और फांसी देने के बाद जैसा व्यवहार किया, वो काफ़ी विवादित रहा.
ऐसा कहा जाता है कि फांसी के फंदे पर झूलने से पहले तीनों के चेहरे पर मौत को लेकर कोई डर, फिक्र या अफ़सोस नहीं था. विवेचना में रेहान फ़ज़ल बता रहे हैं भगत सिंह की जिंदगी के आख़िरी 12 घंटों के बारे में...
वीडियो एडिटिंग: शुभम कौल
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)