अमेरिका पहुंचने का मुश्किल सफ़र
हज़ारों किलोमीटर का मुश्किल सफ़र, साथ में महिलाएं और छोटे छोटे बच्चे भी. भूख से बेहाल और रहने का ठिकाना नहीं. ये दास्तां हैं मध्य अमेरिकी देशों के उन हज़ारों लाखों लोगों की जो ग़रीबी और भुखमरी से लाचार होकर बेहतर जीवन की आस में अमेरिका का रुख़ कर रहे हैं.
पिछले साल कोरोना की वजह से इनके सफ़र पर विराम सा लग गया था. लेकिन अब ये दोबारा निकल पड़े हैं. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शरणार्थियों को अमेरिका ना आने की चेतावनी भी दी है.
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