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केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया जो लेफ़्टिनेंट गवर्नर (एलजी) यानी उप-राज्यपाल को अधिक शक्तियां देता है.
यह विधेयक उप-राज्यपाल को कई विवेकाधीन शक्तियां देता है, जो दिल्ली के विधानसभा से पारित क़ानूनों के मामले में भी लागू होती हैं.
प्रस्तावित क़ानून यह सुनिश्चित करता है कि मंत्री परिषद (या दिल्ली कैबिनेट) के फ़ैसले लागू करने से पहले उप-राज्यपाल की राय के लिए उन्हें 'ज़रूरी मौक़ा दिया जाना चाहिए.'
स्टोरी: टीम बीबीसी
आवाज़: प्रज्ञा सिंह
वीडियो एडिटिंग: शुभम कौल
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