एक बेटी की मौत ने पिता को कैसे बदल दिया?
पाकिस्तान के गुजरांवाला में रहने वाले पहले डॉ. असद इम्तियाज़ को कुछ साल पहले अपनी बेटी फ़ातिमा के कैंसर से पीड़ित होने का पता चला.
फ़ातिमा की उम्र 14 बरस थी और पता चलने के तीन महीने बाद ही उनका निधन हो गया. फ़ातिमा की ख़्वाहिश थी कि वो अपनी ज़िंदगी में ज़रूरतमंदों की मदद कर पाएं और उनके जाने के बाद डॉ. असद ने इस ख़्वाहिश को अपनी ज़िंदगी का मक़सद बना लिया.
डॉ. असद के मुताबिक़ फ़ातिमा चाहती थीं कि उनके नाम पर आने वाली सारी संपत्ति का इस्तेमाल ग़रीब और ज़रूरतमंदों की मदद करने में लगा दिया जाए. डॉ. असद ने सिर्फ़ ग़रीबों की मदद नहीं की, बल्कि वो परिंदों के लिए भी कोशिश कर रहे हैं.
वीडियोः एहतशाम शमी और वक़स अनवर
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