You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
प्लेटो ने क्यों कहा था, लोकतंत्र से ही तानाशाही जन्म लेती है?
क्या ये बेहतर नहीं होगा कि चुनाव के माध्यम से नेता तय करने की जगह राज्य का नेतृत्व करने के लिए किसी अनुभवी व्यक्ति को तलाश किया जाए? ये बात लोकतंत्र का पालना कहे जाने वाले एथेंस के दार्शनिक प्लेटो ने अब से 2400 साल पहले अपनी किताब 'द रिपब्लिक' के छठवें अध्याय में ये दावा किया था.
ये न्याय, मानव स्वभाव, शिक्षा और पुण्य जैसे विषयों पर सबसे पहली और प्रभावशाली किताब है. इस किताब में सरकार और राजनीति को लेकर भी बात की गई है. बातचीत के रूप में लिखी गई इस किताब में सुकरात और प्लेटो एवं उनके दोस्तों के बीच राजसत्ता को लेकर बातचीत है.
गुरु और शिष्यों के बीच बातचीत में बताया गया है कि एक सरकार दूसरे से अच्छी क्यों है? इस किताब में डेमोक्रेसी पर उनके विचार में साफ दिखाई देता है - ग्रीक भाषा में लिखा है, "लोगों की सरकार, फैसले लेने के मामले में मुफ़ीद नहीं है."
स्टोरी: टीम बीबीसी
आवाज़: आदर्श राठौर
वीडियो एडिटिंग: मनीष जालुई
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)