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किसान आंदोलन को खालिस्तानी मदद का आरोप क्या भारत पर भारी पड़ रहा है
भारत में पिछले ढाई महीनों से नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ जारी किसान आंदोलन दुनियाभर में लोगों का ध्यान आकर्षित करता जा रहा है. कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुल्कों में प्रवासी भारतीय किसानों के पक्ष में रैलियाँ कर रहे हैं और भारतीय मूल के और स्थानीय नेता भारत में आंदोलन कर रहे किसानों के पक्ष में बयान दिए जा रहे हैं.
भारत सरकार के कुछ मंत्रियों, सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों और भारतीय मीडिया के एक बड़े हिस्से की ओर से आंदोलन करने वाले किसानों के ख़िलाफ़ ये इल्ज़ाम लगाए जा रहे हैं कि किसान आंदोलन और इसके समर्थकों की मदद विदेश में बसे खालिस्तानी कर रहे हैं. लंदन में भारतीय मूल के सांसद 73 वर्षीय वीरेंदर शर्मा पूछते हैं कि क्या भारत सरकार के पास इस बात का सबूत है कि इस आंदोलन में खालिस्तानी शामिल हैं या वो आंदोलन कर रहे किसानों की मदद कर रहे हैं?
ब्रिटेन की संसद में सदस्य वीरेंद्र शर्मा से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद की बातचीत.
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