You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
म्यांमार तख़्तापलट से भारत को नुक़सान होगा या फ़ायदा?
म्यांमार की सेना ने सोमवार सुबह देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची समेत उनकी सरकार के बड़े नेताओं को गिरफ़्तार करके तख़्तापलट कर दिया है. म्यांमार की राजधानी नेपिडॉ और यंगून में सड़कों पर सैनिक तैनात हैं.
कई अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनलों का प्रसारण प्रभावित हुआ है और एक तरह की अनिश्चतता का माहौल है. इसी बीच अमेरिका, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र की ओर से म्यांमार की सेना की निंदा की गई है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्वीट करके कहा है, "मैं म्यांमार में तख़्तापलट और आंग सान सू ची समेत आम नागरिकों की गिरफ़्तारी की निंदा करता हूं. लोगों के मत का सम्मान किया जाना चाहिए और आम लोगों के नेताओं को रिहा किया जाना चाहिए."
स्टोरी: टीम बीबीसी
आवाज़: विशाल शुक्ला
वीडियो एडिटिंग: रुबाइयत बिस्वास
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)