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'कहानी ज़िंदगी की' एपिसोड 3: बस कंडक्टर
ये है बीबीसी हिंदी का ताज़ातरीन पॉडकास्ट 'कहानी ज़िंदगी की'. इसके हर एपीसोड में रूपा झा आपको सुना रही हैं भारतीय भाषाओं में लिखी ऐसी चुनिंदा कहानियां जो अपने आप में बेमिसाल हैं, जो हमारी और आपकी ज़िंदगी में झांकती हैं और सोचने को मजबूर भी करती हैं.
इस बार की कहानी का नाम है बस कंडक्टर. लेखिका हैं पंजाबी भाषा की प्रसिद्ध उपन्यासकार दलीप कौर टिवाणा. साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पंजाबी कथाकार दलीप कौर टिवाणा की लिखी ये कहानी बस कंडक्टर इंसानी रिश्तों की नई इबारत लिखती है.
'अग्नि पृख्या' और 'एहो हमारा जिउना' जैसी किताबों की लेखिका दलीप कौर टिवाणा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम के लिए 2004 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया. देश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव के ख़िलाफ़ 2015 में उन्होंने पद्मश्री सम्मान को लौटाने की घोषणा की.
लेखिका- दलीप कौर टिवाणा
वाचन - रूपा झा
हिंदी अनुवाद- वंदना
प्रस्तुतकर्ता- मोहन लाल शर्मा
ऑडियो मिक्सिंग- जितेंद्र सासन
वीडियो: काशिफ़ सिद्दीक़ी
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