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खुफ़िया एजेंसी रॉ को तैयार करने वाले रामेश्वरनाथ काव की कहानी
1996 में पूरे भारत में बांग्लादेश के जन्म की 25वीं सालगिरह का जश्न मनाया जा रहा था. इस अवसर पर कई बैठकें आयोजित की गई थीं. एक बैठक में एक बांगलादेशी पत्रकार ने हॉल की पिछली सीट पर एक लंबे, स्मार्ट और आकर्षक शख़्स को देखा.
वो उनके पास आ कर बोला, "सर आपको तो वहाँ मंच पर बीच में होना चाहिए. आप ही की वजह से तो 1971 संभव हो सका." उस आकर्षक और शर्मीले इंसान ने जवाब दिया, "जी नहीं मैंने कुछ नहीं किया. मंच पर बैठे लोगों की तारीफ़ होनी चाहिए."
पहचान लिए जाने से परेशान वो शख़्स अपनी जगह से उठा और चुपचाप हॉल से बाहर निकल गया. इस शख़्स का नाम था रामेश्वरनाथ काव - भारत की बाहरी खुफ़िया एजेंसी रॉ (आरएडब्ल्यू) के जन्मदाता.
स्टोरी और आवाज़: रेहान फ़ज़ल
वीडियो एडिटिंग: देबलिन रॉय
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