कचरे का दोबारा इस्तेमाल, कितना मुश्किल कितना आसान?
कुछ वर्ष पहले तक चीन दुनियाभर के प्लास्टिक और कागज़ी कचरे की अपने यहां रिसाइक्लिंग करता था. लेकिन साल 2018 में चीन ने ऐसा करना बंद कर दिया. इसके बाद दक्षिण पूर्व एशिया में इंडोनेशिया मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों ने इस कचरे की रिसाइक्लिंग शुरू की.
लेकिन जल्द ही उन्हें अपनी ग़लती का अहसास हुआ और उन्होंने भी अपने हाथ पीछे खींच लिए. इसका नतीजा ये हुआ कि पश्चिम के जो देश अपने कचरे की रिसाइक्लिंग के लिए दूसरे देशों पर निर्भर थे, उनके लिए अब अपने ही कचरे से मुक्ति पाना मुश्किल हो रहा है.
तो इस हफ्ते दुनिया जहान में हम ये सवाल पूछ रहे हैं कि दुनियाभर में कचरे की रिसाइक्लिंग की प्रणाली क्यों नाकाम हो रही है और इसका समाधान क्या हो सकता है.
प्रोड्यूसर/ प्रेज़ेंटर: संदीप सोनी/ मोहनलाल शर्मा
ऑडियो/ वीडियो एडिटिंगः तिलक भाटिया/ देवाशीष कुमार
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