You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
किसान आंदोलन के बीच जज़्बातों की डोर से बंधे किसान परिवार की कहानी
कृषि क़ानूनों के खिलाफ़ किसानों को आंदोलन करते हुए तीन महीनों से ज़्यादा हो गए. इस बीच कई पर्व और त्योहार आए और चले गए.
नया साल इन किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर बिता दिया तो पंजाब के मुख्य त्योहार लोहड़ी पर भी कई किसान परिवारों से दूर आंदोलन ही कर रहे थे.
आख़िर कैसा होता है ऐसे ख़ुशी के मौकों पर भी आंदोलन में लगे रहना और अपनों से कोसों दूर होने का एहसास. दिल्ली से बीबीसी संवाददाता वंदना और रविंदर सिंह रॉबिन की ख़ास रिपोर्ट.
रिपोर्ट- वंदना और रविंदर सिंह रॉबिन
शूट एडिट- शुभम कॉल
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)