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अमेरिका के इस कदम से चीन की नाराज़गी बढ़ेगी?
अमेरिका ने लंबे समय से अमेरिकी और ताइवान के अधिकारियों के बीच संपर्क पर प्रतिबंध लगाया हुआ था जिसे अब हटाया जा रहा है.
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चीनी सरकार के तुष्टीकरण के लिए दशकों पहले अमेरिका ने ख़ुद पर ये प्रतिबंध लगाए थे.
लेकिन अब ये नियम ख़त्म कर दिया गया है. इस क़दम से चीन नाराज़ हो सकता है और अमेरिका-चीन के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है.
ट्रंप सरकार ने अपने आख़िरी दिनों में ये फ़ैसला लिया है.
चीन ताइवान को अपना अपना हिस्सा मानता है लेकिन ताइवान के नेताओं का कहना है कि उनका मुल्क संप्रभु है.
विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शनिवार को कहा, “आज मैं इस तरह के ख़ुद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा करता हूं. अब अमेरिका-ताइवान के संबंधों में इस तरह के प्रतिबंधों से कोई रुकावट नहीं आएगी."
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ताइवान एक जीवंत लोकतंत्र और एक विश्वसनीय अमेरिकी भागीदार है और ये प्रतिबंध अब वैध नहीं हैं.
स्टोरी: टीम बीबीसी
आवाज़: सर्वप्रिया सांगवान
वीडियो एडिटिंग: रुबाइयत बिस्वास
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