मारीचामी: ‘अपने हिस्से के भगवान’ के लिए संघर्ष, पिछड़ी जाति का पुजारी
ये कहानी है उस भारतीय की, जिसने ईश्वर और पूजा के लिए अपने अधिकार की लड़ाई लड़ी. पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखने वाले टी.मारीचामी दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के मदुरै में पुजारी हैं. लेकिन एक वक़्त था जब मारीचामी की जाति के लोगों को मंदिरों में प्रवेश तक की मनाही थी. मारीचामी ने यह यात्रा कैसे तय की, देखिए, बीबीसी संवाददाता सिन्धुवासिनी और देबलिन रॉय की इस रिपोर्ट में.
ये रिपोर्ट बीबीसी की ख़ास सिरीज़ ‘क्रॉसिंग डिवाइड्स’ का हिस्सा है, जिसका मक़सद एक विभाजित दुनिया में लोगों को जोड़ने वाली कहानियों को आप तक पहुँचाना है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)