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कोरोना: भारत की ये रणनीति काम कर रही है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से देश के सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों से कहा है कि वो टेस्टिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को शीर्ष प्राथमिकता दें.
भारत में संक्रमण के रोज़ाना आ रहे मामलों में सितंबर के मध्य से कमी आई है.
लेकिन इस बात की चिंता जताई जा रही है कि अलग-अलग टेस्टिंग रणनीति बीमारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में बाधा बन सकती है.
भारत पीसीआर टेस्ट का इस्तेमाल कर रहा है. इस टेस्ट को सबसे सटीक नतीजे देने वाला (गोल्ड स्टैंडर्ड) माना जाता है.
लेकिन इस वक़्त सिर्फ़ 60 फ़ीसद टेस्ट इस पद्धति से किए जा रहे हैं.
कई राज्य - जो अपनी स्वास्थ्य नीतियों के इनचार्ज ख़ुद हैं - वो रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) का इस्तेमाल करने लगे हैं. जो नतीजे तो जल्दी देता है लेकिन कम विश्वसनीय है.
स्टोरी: श्रुति मेनन, आवाज़: गुरप्रीत सैनी, वीडियो एडिटिंग: मनीष जालुई
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