पाकिस्तान में गुजराती भाषा को बचाने की कवायद
पाकिस्तान में गुजराती बोलनेवालों की संख्या तेज़ी से घट रही है. इसकी वजह ये है कि वहां गुजराती मूल के युवा अब अपनी भाषा का इस्तेमाल फ़र्स्ट लैंग्वेज के तौर पर नहीं करते.
हालांकि, अब कुछ लोग युवा पीढ़ी को गुजराती भाषा सिखाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि पाकिस्तान में गुजराती कल्चर को ज़िंदा रखा जा सके. आबिदा का परिवार भी उनमें से एक है. हमारी सहयोगी शुमैला ख़ान की रिपोर्ट.
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