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जो बाइडन की 48 साल की तपस्या का नतीजा अब मिला
क़रीब 50 साल तक सार्वजनिक तौर पर काम करने के बाद और दो बार उप-राष्ट्रपति रहने के बाद जो बाइडन आख़िरकार अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं.
ये चुनाव कोरोना महामारी के दौर में हुआ है जो दुनिया के 180 से अधिक देशों में फैल चुका है. इस वायरस ने अमेरिका को सबसे बुरी तरह प्रभावित किया है.
साथ ही वो दौर है जब देश के भीतर समाजिक उथलपुथल दिख रही है. इस तरह के माहौल के बीच बाइडन, डोनाल्ड ट्रंप के रूप में एक ऐसे प्रतिद्वंद्वी के सामने खड़े थे जो पहले के राष्ट्रपतियों से पूरी तरह अलग रहे हैं.
लेकिन राष्ट्रपति पद की तीसरी बार की अपनी दौड़ में बाइडन की टीम ने राजनीतिक चुनौतियों को पार करने का रास्ता तलाश ही लिया और आख़िरकार बाइडन को उनकी मंज़िल तक पहुंचा ही दिया.
देखने में ऐसा लगता है कि इलेक्टोरल कॉलेज वोटों के मामले में बाइडन और ट्रंप के बीच का फ़र्क़ अधिक नहीं है लेकिन अगर देश के सभी वोट के आँकडों को देखा जाए तो बाइडन लाखों वोट से ट्रंप से आगे हैं.
लेकिन डेलावेयर के एक कार सेल्समैन का बेटा देश में सत्ता के शिखर तक पहुंचा कैसे.
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