कश्मीर में लाल-लाल सेब से लदे बागान तैयार
आर्टिकल 370 ख़त्म होने के बाद कश्मीर कर्फ्यू और प्रतिबंधों की वजह से बंद रहा.
फिर कोरोना वायरस और उसकी वजह से लगने वाला लॉकडाउन लग गया.
इसकी वजह से घाटी के सेब उद्योग और कारोबार को काफ़ी नुक़सान हुआ.
अब सेब बागान दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहे हैं.
और इससे जुड़े लोग आज कल सेब उतारने के काम में लगे हैं.
कुलगाम के अरशद अहमद भी इन्हीं में से एक हैं.
कश्मीर का सेब उद्योग घाटी के क़रीब 33 लाख लोगों को रोज़गार मुहैया करता है.
हर साल कश्मीर को इससे क़रीब आठ हज़ार करोड़ की आमदनी होती है.
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