आईएमएफ का ताज़ा अनुमान भारत के लिए क्यों है चिंता का सबब?

भारतवासियों को एक सच्चाई मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ़ ने बताई.

भारत की जीडीपी इस साल -10.3 प्रतिशत रह सकती है.

मंगलवार को इसका एलान करते हुए आईएमएफ़ ने इस भारी गिरावट की वजह कोरोना महामारी और देशभर में लगे लॉकडाउन को बताया है.

इससे पहले जून में आईएमएफ़ ने भारत की जीडीपी के -4.5 प्रतिशत तक जाने का अनुमान लगाया था.

लेकिन उनकी ताज़ा रिपोर्ट में जून के आँकड़े को संशोधित करके इसे -10.3 फ़ीसदी कर दिया गया है.

दुनिया भर की उभरती हुई और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत की स्थिति सबसे ख़राब बताई गई है.

इससे पहले भारत सरकार की तरफ़ से जारी आँकड़ों के मुताबिक़ 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी -23.9 प्रतिशत तक पहुँच गई थी.

स्टोरीः सरोज सिंह

आवाज़ः विशाल शुक्ला

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