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फ़ैक्ट चेक- हाथरस केस: सीमन का शरीर पर पाया जाना ही रेप होता है?
हाथरस में हुए कथित गैंगरेप मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने फ़ोरेंसिक रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि दलित लड़की से बलात्कार नहीं हुआ था.
यूपी पुलिस के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "एफ़एसएल (फ़ोरेंसिक साइंस लेबॉरेटरी) रिपोर्ट के अनुसार, विसरा के सैंपल में कोई वीर्य/सीमन या उसका गिरना नहीं पाया गया है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कहती है कि हमले के बाद जो ट्रॉमा हुआ उसके कारण मौत हुई है. अधिकारियों के बयान के बावजूद कुछ ग़लत ख़बरें फैलाई जा रही हैं."
यूपी पुलिस के इस बयान के बाद उसकी आलोचना हो रही है. क्या सिर्फ़ सीमन या वीर्य के निशान पाए जाने से ही भारतीय दंड संहिता में बलात्कार का मामला बनता है? इस रिपोर्ट में हम यही जानने का प्रयास करेंगे.
स्टोरी और आवाजः मोहम्मद शाहिद
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