कोरोना वैक्सीन की कीमत क्या होगी?
कोरोना संक्रमण का सबसे पहला मामला बीते साल दिसंबर में चीन के वुहान में सामने आया था जिसके बाद इस वायरस ने तेज़ी से दुनिया के दूसरे देशों में पैर फैलाना शुरू किया.
दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अब दो करोड़ 66 लाख से अधिक हो चुके हैं और इस वायरस से मरने वालों की संख्या 8 लाख 75 हज़ार से अधिक है.
लेकिन अब तक इस से निपटने के लिए कोई कारगर वैक्सीन नहीं बन पाई है.
इसी साल 11 अगस्त को रूस ने कोविड-19 की पहली वैक्सीन को रजिस्टर किया और इसे स्पुतनिक V नाम दिया.
रूस का कहना है कि उसने मेडिकल साइंस में एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है.
लेकिन आलोचकों का दावा है कि यह वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण से नहीं गुज़री है और इस कारण ये यक़ीन नहीं किया जा सकता कि वैक्सीन कारगर होगी.
लेकिन दुनिया भर के कई देशों में कोरोना वैक्सीन बनाने की कोशिशें हो रही हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 34 कंपनियां कोरोना वैक्सीन बना रही हैं और इनमें से सात के तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल जारी हैं.
वहीं तीन कंपनियों की वैक्सीन दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल तक पहुंची हैं. संगठन के अनुसार और 142 कंपनियां भी वैक्सीन बना रही हैं और अब तक प्री-क्लीनिकल स्तर पर पहुंच पाई हैं.
स्टोरी और आवाज़: मानसी दाश
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)